शब्द-विचार — हिंदी व्याकरण

JSSC, JPSC, JSSC CGL, JTET, झारखंड पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हिंदी व्याकरण।

शब्द-विचार — Hindi Grammar

Important Hindi Grammar for JSSC, JPSC, JSSC CGL, JTET, Jharkhand Police and other competitive examinations.

📖 शब्द-विचार क्या है?

शब्दों की उत्पत्ति, रचना, अर्थ, स्वरूप तथा उनके विभिन्न प्रकारों का व्यवस्थित अध्ययन शब्द-विचार कहलाता है। शब्द-विचार के अंतर्गत यह अध्ययन किया जाता है कि शब्द किस प्रकार बने हैं, उनका स्रोत क्या है और उनका भाषा में किस प्रकार प्रयोग होता है।

📖 What is शब्द-विचार?

🔍 इसे कैसे पहचानें?

किसी शब्द का विचार करते समय उसके अर्थ, उत्पत्ति और रचना को ध्यान में रखा जाता है। उत्पत्ति के आधार पर शब्दों को तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी आदि वर्गों में बाँटा जाता है। रचना के आधार पर रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्दों का अध्ययन किया जाता है।

🔍 How to identify?

✏️ उदाहरण

उत्पत्ति के आधार पर— तत्सम: अग्नि, तद्भव: आग, देशज: खटिया, विदेशी: किताब। रचना के आधार पर— रूढ़: घर, यौगिक: विद्यालय, योगरूढ़: पंकज। इस प्रकार शब्दों की उत्पत्ति और रचना के आधार पर उनका वर्ग निर्धारित किया जाता है।

✏️ Examples

⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

शब्द-विचार में शब्दों की उत्पत्ति, रचना और अर्थ का अध्ययन किया जाता है। उत्पत्ति के आधार पर तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द महत्वपूर्ण हैं। रचना के आधार पर रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्द महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में शब्द की उत्पत्ति, रचना तथा उसके भेद की पहचान से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

⭐ Important for Examination


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