अलंकार — हिंदी व्याकरण
अलंकार — Hindi Grammar
📖 अलंकार क्या है?
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्वों को अलंकार कहते हैं। जिस प्रकार आभूषण शरीर की सुंदरता बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार काव्य और भाषा की सुंदरता बढ़ाते हैं। हिंदी व्याकरण और काव्यशास्त्र में अलंकार का विशेष महत्व है।
📖 What is अलंकार?
🔍 इसे कैसे पहचानें?
किसी काव्य-पंक्ति या वाक्य में विशेष शब्द-चमत्कार, ध्वनि-साम्य, तुलना, कल्पना या अर्थ की विशेषता दिखाई दे तो वहाँ अलंकार की संभावना होती है। अलंकार मुख्यतः शब्दालंकार और अर्थालंकार के रूप में समझे जाते हैं।
🔍 How to identify?
✏️ उदाहरण
अनुप्रास अलंकार— चारु चंद्र की चंचल किरणें। उपमा अलंकार— उसका मुख चंद्रमा के समान सुंदर है। रूपक अलंकार— चरण-कमल बंदौं हरि राई। यमक अलंकार में एक ही शब्द की पुनरावृत्ति अलग-अलग अर्थों में होती है।
✏️ Examples
⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
अलंकार काव्य की शोभा बढ़ाता है। इसके प्रमुख भेद शब्दालंकार और अर्थालंकार हैं। अनुप्रास, यमक और श्लेष प्रमुख शब्दालंकार हैं, जबकि उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा और अतिशयोक्ति प्रमुख अर्थालंकार हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में दिए गए उदाहरण में अलंकार पहचानने से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं।
⭐ Important for Examination
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