[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]

झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
21. माता का अंचल में निम्न में से किस शिशु का चरित्र चित्रण है?
21.
सही उत्तर: भोलानाथ
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ में लेखक शिवपूजन सहाय ने अपने बचपन के रूप ‘भोलानाथ’ का चरित्र-चित्रण किया है। इस रचना में माँ के वात्सल्य, बाल-मन और ग्रामीण जीवन का अत्यंत मार्मिक चित्रण मिलता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
22. “जहाँ लड़कों का संग, तहाँ बाजे मृदंग; जहाँ बड़ों का संग, तहाँ खरचे का तंग।” यह उक्ति किस कहानी की है?
22.
सही उत्तर: माता का अँचल
व्याख्या: “जहाँ लड़कों का संग, तहाँ बाजे मृदंग; जहाँ बड़ों का संग, तहाँ खरचे का तंग।” यह उक्ति शिवपूजन सहाय की प्रसिद्ध रचना “माता का अँचल” से ली गई है। यह उक्ति बाल-मन की स्वाभाविक चंचलता और ग्रामीण जीवन की सहज अभिव्यक्ति को दर्शाती है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
23. मृदंग क्या है?
23.
सही उत्तर: एक प्रकार का वाद्य यंत्र
व्याख्या: मृदंग एक प्राचीन भारतीय ताल-वाद्य (Percussion Instrument) है। इसका प्रयोग शास्त्रीय संगीत, भजन, कीर्तन तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किया जाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
24. शिवपूजन सहाय का नाम तारकेश्वरनाथ था, उनके पिता उन्हें किस नाम से पुकारते थे?
24.
सही उत्तर: भोलानाथ
व्याख्या: शिवपूजन सहाय का मूल नाम तारकेश्वरनाथ था, किंतु उनके पिता उन्हें स्नेहपूर्वक "भोलानाथ" कहकर पुकारते थे। यही नाम उनके बाल्यकाल से भी जुड़ा हुआ है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
25. माता का अंचल के लेखक अपने पिताजी को क्या कहकर पुकारते थे?
25.
सही उत्तर: बाबूजी
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ में लेखक शिवपूजन सहाय अपने पिताजी को स्नेहपूर्वक "बाबूजी" कहकर पुकारते हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
26. माता का अंचल पाठ में लेखक किसके स्नेह और शरारतों से भरे अपने बचपन को याद करता है?
26.
सही उत्तर: माता-पिता
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ में लेखक शिवपूजन सहाय अपने माता-पिता के स्नेह, वात्सल्य तथा अपने शरारतों से भरे बचपन की मधुर स्मृतियों का भावपूर्ण वर्णन करते हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
27. लेखक को कौन अपने साथ सुलाने के साथ-साथ सुबह उठाने एवं नहलाने का कार्य करते थे?
27.
सही उत्तर: पिता
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में लेखक बताते हैं कि उनके पिता उन्हें अपने साथ सुलाते थे तथा सुबह उठाकर नहलाने और उनकी देखभाल का कार्य भी स्वयं करते थे।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
28. लेखक अपनी माँ को क्या कहकर पुकारता था?
28.
सही उत्तर: मइयाँ
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में लेखक शिवपूजन सहाय अपनी माँ को स्नेहपूर्वक "मइयाँ" कहकर पुकारते थे। यह संबोधन ग्रामीण परिवेश और मातृस्नेह का प्रतीक है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
29. लेखक अपने पिता जी को किस चीज का तिलक लगाने की जिद करता था?
29.
सही उत्तर: भभूत
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में लेखक अपने पिता जी को भभूत का तिलक लगाने की जिद करता था। यह प्रसंग बालसुलभ जिद और पिता-पुत्र के स्नेहपूर्ण संबंध को दर्शाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
30. लेखक के पिताजी उनके ललाट पर कैसा तिलक लगाते थे?
30.
सही उत्तर: त्रिपुंड
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में लेखक के पिताजी उनके ललाट पर त्रिपुंड का तिलक लगाते थे। यह उनके धार्मिक संस्कार एवं शिवभक्ति का प्रतीक था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.