[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
11. शिवपूजन सहाय को किस वर्ष पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया?
11.
सही उत्तर: 1960
व्याख्या: शिवपूजन सहाय को हिंदी साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए वर्ष 1960 में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
12. 1962 ई. में निम्न में से किस विश्वविद्यालय द्वारा शिवपूजन सहाय को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई?
12.
सही उत्तर: भागलपुर विश्वविद्यालय
व्याख्या: वर्ष 1962 में शिवपूजन सहाय को उनके साहित्यिक योगदान के सम्मान में भागलपुर विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट. (मानद) की उपाधि प्रदान की गई थी।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
13. 1924 ई. में लखनऊ में शिवपूजन सहाय ने निम्न में से किसके साथ "माधुरी" के संपादन का कार्य किया?
13.
सही उत्तर: प्रेमचंद
व्याख्या: वर्ष 1924 में लखनऊ में शिवपूजन सहाय ने प्रसिद्ध साहित्यकार प्रेमचंद के साथ "माधुरी" पत्रिका के संपादन का कार्य किया था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
14. शिवपूजन सहाय का देहांत कब हुआ?
14.
सही उत्तर: 1963
व्याख्या: शिवपूजन सहाय का निधन 21 जनवरी 1963 को हुआ था। वे हिंदी साहित्य के प्रमुख गद्यकार, संपादक और पत्रकार थे।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
15. 1926 में प्रकाशित "देहाती दुनिया", जिसे हिन्दी का पहला आंचलिक उपन्यास माना जाता है, निम्न में से किनकी कृति है?
15.
सही उत्तर: शिवपूजन सहाय
व्याख्या: "देहाती दुनिया" शिवपूजन सहाय की प्रसिद्ध कृति है। इसका प्रकाशन 1926 में हुआ था और इसे हिन्दी का पहला आंचलिक उपन्यास माना जाता है। इसमें ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति तथा सामाजिक परिवेश का सजीव चित्रण मिलता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
16. ‘माता का अंचल’ निम्न में किस उपन्यास से लिया गया है?
16.
सही उत्तर: देहाती दुनिया
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ शिवपूजन सहाय के प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास ‘देहाती दुनिया’ से लिया गया है। इस रचना में ग्रामीण जीवन, मातृस्नेह और लोकसंस्कृति का सजीव चित्रण मिलता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
17. निम्न में से किसे स्मरण-शिल्प में लिखा गया हिन्दी का पहला उपन्यास माना जाता है?
17.
सही उत्तर: देहाती दुनिया
व्याख्या: शिवपूजन सहाय का "देहाती दुनिया" हिन्दी का पहला स्मरण-शिल्प (संस्मरणात्मक शैली) में लिखा गया आंचलिक उपन्यास माना जाता है। इसमें लेखक ने अपने ग्रामीण जीवन के अनुभवों और लोकजीवन का अत्यंत सजीव चित्रण किया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
18. ‘देहाती दुनिया’ किस शैली में लिखी गई है?
18.
सही उत्तर: आत्मकथात्मक शैली
व्याख्या: शिवपूजन सहाय का उपन्यास ‘देहाती दुनिया’ आत्मकथात्मक शैली में लिखा गया है। इसमें लेखक ने अपने अनुभवों, ग्रामीण परिवेश, लोकजीवन और बाल्यकाल की स्मृतियों का सजीव चित्रण किया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
19. शिवपूजन सहाय द्वारा लिखित "देहाती दुनिया" उपन्यास के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
19.
सही उत्तर: इस उपन्यास का कथा-शिल्प अत्यंत मौलिक और प्रयोगधर्मी है, इसमें शहर की चकाचौंध से दूर गाँव की सहजता को आत्मीयता से प्रस्तुत किया गया है तथा इसमें बाल-मनोभावों की अभिव्यक्ति के साथ तत्कालीन समाज के पारिवारिक परिवेश का चित्रण है।
व्याख्या: "देहाती दुनिया" शिवपूजन सहाय का प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास है। इसका कथा-शिल्प मौलिक एवं प्रयोगधर्मी है। इसमें ग्रामीण जीवन की सहजता, लोकसंस्कृति, बाल-मनोभावों तथा तत्कालीन सामाजिक और पारिवारिक परिवेश का सजीव चित्रण मिलता है। इसलिए उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
20. शिवपूजन सहाय के बचपन का नाम क्या था?
20.
सही उत्तर: भोलानाथ
व्याख्या: शिवपूजन सहाय के बचपन का नाम "भोलानाथ" था। आगे चलकर वे हिंदी साहित्य के प्रमुख गद्यकार, पत्रकार और संपादक के रूप में प्रसिद्ध हुए।
Correct Answer:
Explanation: Important question.