[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
281. ‘माथुर’ ने किन संस्थाओं से जुड़कर कार्य किया?
281.
सही उत्तर: आकाशवाणी तथा दूरदर्शन से
व्याख्या: गिरिजा कुमार माथुर ने आकाशवाणी तथा दूरदर्शन से जुड़कर कार्य किया था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
282. गिरिजा कुमार माथुर के ‘नाश और निर्माण’, ‘धूप के धान’, ‘शिलापंख चमकीले’ तथा ‘भीतरी नदी की यात्रा’ किस प्रकार की रचनाएँ हैं?
282.
सही उत्तर: काव्य संग्रह
व्याख्या: ये सभी गिरिजा कुमार माथुर के प्रमुख काव्य-संग्रह हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
283. ‘जन्म कैद’ माथुर की किस विधा की रचना है?
283.
सही उत्तर: नाटक
व्याख्या: ‘जन्म कैद’ गिरिजा कुमार माथुर की नाटक विधा की रचना है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
284. ‘नयी कविता: सीमाएँ और संभावनाएँ’ माथुर की किस प्रकार की रचना है?
284.
सही उत्तर: आलोचनात्मक
व्याख्या: ‘नयी कविता: सीमाएँ और संभावनाएँ’ गिरिजा कुमार माथुर की आलोचनात्मक रचना है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
285. माथुर किस मिजाज के कवि माने जाते हैं?
285.
सही उत्तर: रोमानी
व्याख्या: गिरिजा कुमार माथुर को रोमानी मिजाज के कवि माना जाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
286. गिरिजा कुमार माथुर की मृत्यु कब हुई थी?
286.
सही उत्तर: 1994 ई.
व्याख्या: गिरिजा कुमार माथुर का निधन 1994 ई. में हुआ था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
287. ‘या मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि ने जीवन में किसकी उपस्थिति को दर्शाया है?
287.
सही उत्तर: सुख तथा दुःख की
व्याख्या: ‘या मत छूना’ कविता के माध्यम से गिरिजा कुमार माथुर ने जीवन में सुख और दुःख दोनों की उपस्थिति को दर्शाया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
288. अपने अतीत को याद करने से मन कैसा हो जाता है?
288.
सही उत्तर: दुखी
व्याख्या: अपने अतीत की स्मृतियों को याद करने से मन दुखी हो जाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
289. सुख-दुःख के पहिए की तुलना किससे की गई है?
289.
सही उत्तर: चाँदनी रात के बाद आने वाली अमावस्या से
व्याख्या: कवि ने सुख-दुःख के निरंतर परिवर्तन को चाँदनी रात के बाद आने वाली अमावस्या के समान बताया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
290. शरद पूर्णिमा के सौंदर्य को कौन बढ़ाता है?
290.
सही उत्तर: चाँद
व्याख्या: शरद पूर्णिमा की रात में चाँद अपनी उज्ज्वल चाँदनी से सौंदर्य को बढ़ाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.