[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]

झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
201. ‘निराला’ की औपचारिक शिक्षा महिषादल में किस कक्षा तक हुई?
201.
सही उत्तर: नवीं कक्षा तक
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की औपचारिक शिक्षा महिषादल में नवीं कक्षा तक हुई थी।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
202. ‘निराला’ ने स्वाध्याय से किन भाषाओं का ज्ञान अर्जित किया?
202.
सही उत्तर: उपर्युक्त सभी — संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेजी
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने स्वाध्याय से संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेजी भाषाओं का ज्ञान अर्जित किया था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
203. भाषा से हटकर निराला ने और किन विषयों का अध्ययन किया?
203.
सही उत्तर: संगीत तथा दर्शनशास्त्र का
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने भाषा के अतिरिक्त संगीत तथा दर्शनशास्त्र का भी अध्ययन किया था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
204. निराला किनके विचारों से अत्यधिक प्रभावित थे?
204.
सही उत्तर: रामकृष्ण परमहंस तथा स्वामी विवेकानंद से
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ रामकृष्ण परमहंस तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों से अत्यधिक प्रभावित थे।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
205. निराला का संपूर्ण साहित्य किस नाम से प्रकाशित हुआ?
205.
सही उत्तर: निराला रचनावली
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का संपूर्ण साहित्य ‘निराला रचनावली’ नाम से प्रकाशित हुआ।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
206. ‘निराला रचनावली’ कुल कितने खंडों में प्रकाशित हुई?
206.
सही उत्तर: आठ
व्याख्या: ‘निराला रचनावली’ कुल आठ खंडों में प्रकाशित हुई।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
207. ‘निराला’ की प्रमुख काव्य रचनाएँ कौन-सी हैं?
207.
सही उत्तर: उपर्युक्त सभी — अनामिका, परिमल, गीतिका, कुकुरमुत्ता, नए पत्ते और तुलसीदास
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रमुख काव्य रचनाओं में ‘अनामिका’, ‘परिमल’, ‘गीतिका’, ‘कुकुरमुत्ता’, ‘नए पत्ते’ और ‘तुलसीदास’ शामिल हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
208. निराला ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री के निधन के शोक में किस शोकगीत की रचना की?
208.
सही उत्तर: सरोज-स्मृति
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने अपनी पुत्री सरोज के निधन के शोक में ‘सरोज-स्मृति’ नामक शोकगीत की रचना की।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
209. निराला किस स्वभाव के कवि माने जाते हैं?
209.
सही उत्तर: विद्रोही
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ को विद्रोही स्वभाव का कवि माना जाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
210. ‘निराला’ की रचनाएँ किस प्रवृत्ति की हैं?
210.
सही उत्तर: छायावादी
व्याख्या: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रमुख रचनाएँ छायावादी प्रवृत्ति से संबंधित हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.