[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]

झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
121. पेड़ की डाली किस रूप में है?
121.
सही उत्तर: बालक के झूले के रूप में
व्याख्या: वसंत ऋतु के वर्णन में पेड़ की डाली को बालक के झूले के रूप में चित्रित किया गया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
122. वृक्षों के नए पत्ते किसके लिए बिछे?
122.
सही उत्तर: बच्चों को पालने के लिए
व्याख्या: वसंत ऋतु के वर्णन में वृक्षों के नए पत्तों को बच्चों को पालने के लिए बिछे हुए पालने के रूप में कल्पित किया गया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
123. कौन स्वयं बच्चों को झुलाती है?
123.
सही उत्तर: हवा
व्याख्या: वसंत ऋतु के वर्णन में हवा को बच्चों को स्वयं झुलाने वाली बताया गया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
124. बालक का मन कौन बहलाते हैं?
124.
सही उत्तर: मोर तथा तोता
व्याख्या: वसंत ऋतु के वर्णन में मोर तथा तोता बालक का मन बहलाते हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
125. कौन बालक को हिलाते और तालियाँ बजाते हैं?
125.
सही उत्तर: कोयल
व्याख्या: वसंत ऋतु के वर्णन में कोयल को बालक को हिलाने और तालियाँ बजाने की कल्पना की गई है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
126. कामदेव का बालक किसे कहा गया है?
126.
सही उत्तर: वसंत ऋतु को
व्याख्या: कवि देव ने वसंत ऋतु को कामदेव का बालक कहा है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
127. कवित्त में कैसी पूर्णिमा का वर्णन किया गया है?
127.
सही उत्तर: शरद कालीन
व्याख्या: कवित्त में शरद कालीन पूर्णिमा का सुंदर एवं मनोहारी वर्णन किया गया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
128. किसे पत्थर से बने स्फटिक के समान बताया गया है?
128.
सही उत्तर: आकाश को
व्याख्या: कवित्त में आकाश को पत्थर से बने स्फटिक के समान बताया गया है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
129. आकाश की सुंदरता कैसी है?
129.
सही उत्तर: सफेद दही के समान
व्याख्या: कवित्त में आकाश की सुंदरता की तुलना सफेद दही के समान की गई है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
130. अपनी चाँदनी बिखेरता चंद्रमा किसके प्रतिबिंब के समान प्यासा लग रहा है?
130.
सही उत्तर: राधा
व्याख्या: कवित्त में अपनी चाँदनी बिखेरता चंद्रमा राधा के प्रतिबिंब के समान प्यासा प्रतीत होता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.