[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]

झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
61. भोलानाथ एवं उनके साथी किस चीज़ से "ज्योनार" तैयार करते थे?
61.
सही उत्तर: बालू की चीनी, पानी के घी तथा धूल के निसान।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित है कि भोलानाथ और उनके साथी खेल-खेल में ज्योनार (भोज) तैयार करते थे। वे बालू की चीनी, पानी का घी तथा धूल के निसान बनाकर भोज की कल्पना करते थे। इसलिए उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
62. ‘ज्योनार’ का अर्थ क्या है?
62.
सही उत्तर: भोज एवं दावत।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में प्रयुक्त "ज्योनार" शब्द का अर्थ "भोज" या "दावत" होता है। यह विशेष अवसर पर आयोजित सामूहिक भोजन के लिए प्रयुक्त लोकप्रचलित शब्द है। इसलिए सही उत्तर "भोज एवं दावत दोनों" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
63. ‘जीमने’ का अर्थ क्या है?
63.
सही उत्तर: भोजन करना।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में प्रयुक्त "जीमने" शब्द का अर्थ "भोजन करना" होता है। यह लोकभाषा का शब्द है, जिसका प्रयोग खाने या भोजन करने के अर्थ में किया जाता है। इसलिए सही उत्तर "भोजन करना" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
64. ‘अमोले’ का अर्थ क्या है?
64.
सही उत्तर: आम का उगता हुआ पौधा।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में प्रयुक्त "अमोले" शब्द का अर्थ आम का उगता हुआ पौधा या आम का नवांकुर होता है। यह लोकभाषा का शब्द है। इसलिए सही उत्तर "आम का उगता हुआ पौधा" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
65. भोलानाथ एवं उनके साथियों द्वारा निकाले जाने वाले बारात के जुलूस के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
65.
सही उत्तर: अमोले को घिसकर शहनाई बजाई जाती थी, कनस्तर का तंबा बजाया जाता था तथा टूटी चूहेदानी की पालकी बनाई जाती थी।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित है कि भोलानाथ और उनके साथी खेल-खेल में बारात निकालते थे। वे अमोले को घिसकर शहनाई बजाने का अभिनय करते थे, कनस्तर का तंबा बजाते थे तथा टूटी चूहेदानी की पालकी बनाकर बारात सजाते थे। इसलिए उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
66. भोलानाथ एवं उनके साथियों द्वारा निकाले जाने वाले बारात में कौन समधी बनकर बकरे पर चढ़ता था?
66.
सही उत्तर: भोलानाथ।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ के अनुसार भोलानाथ और उनके साथी खेल-खेल में बारात निकालते थे। इस बारात में भोलानाथ समधी बनकर बकरे पर चढ़ते थे। इसलिए सही उत्तर "भोलानाथ" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
67. दुलहिन के लाने हेतु बनायी गयी खटोली पर किस प्रकार का ओहार डाला जाता था?
67.
सही उत्तर: लाल ओहार।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ के अनुसार भोलानाथ एवं उनके साथी खेल-खेल में बारात निकालते थे। दुलहिन को लाने के लिए बनाई गई खटोली पर लाल रंग का ओहार डाला जाता था। इसलिए सही उत्तर "लाल ओहार" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
68. ‘माता का अंचल’ में प्रयुक्त "ओहार" शब्द का अर्थ क्या है?
68.
सही उत्तर: परदे के लिए डाला हुआ कपड़ा।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में प्रयुक्त "ओहार" शब्द का अर्थ परदे के रूप में डाला जाने वाला कपड़ा होता है। इसका प्रयोग पालकी, खटोली आदि को ढकने के लिए किया जाता है। इसलिए सही उत्तर "परदे के लिए डाला हुआ कपड़ा" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
69. ‘ओहार’ उठाकर कौन दुलहिन का मुख देखते थे?
69.
सही उत्तर: बाबू जी।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ के अनुसार भोलानाथ और उनके साथी जब खेल-खेल में विवाह का आयोजन करते थे, तब बाबू जी ओहार उठाकर दुलहिन का मुख देखते थे। इसलिए सही उत्तर "बाबू जी" है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
70. भोलानाथ एवं उनके साथियों द्वारा की जाने वाली खेती के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
70.
सही उत्तर: घिरनी पेड़ पर गाड़ी जाती थी।
व्याख्या: ‘माता का अंचल’ पाठ में भोलानाथ और उनके साथी खेल-खेल में खेती करते थे। दो लड़के बैल बनकर मोट खींचते थे, चबूतरा खेत बनता था, कंकड़ बीज और ठेंगा हल-जुआठ का कार्य करते थे तथा चबूतरे के नीचे की गली कुआँ बनती थी। "घिरनी पेड़ पर गाड़ी जाती थी" कथन पाठ के अनुसार सही नहीं है। इसलिए यही असत्य कथन है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.