[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
421. अपने जापान दौरे के दौरान अज्ञेय ने कहाँ जाकर अणु बम से पीड़ित लोगों को देखा?
421.
सही उत्तर: हिरोशिमा
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार अपने जापान दौरे के दौरान अज्ञेय ने हिरोशिमा जाकर अणु बम से पीड़ित लोगों को देखा था। हिरोशिमा की त्रासदी ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
422. 'अज्ञेय' को जापान दौरे के दौरान कहाँ रेडियम पदार्थ से आहत लोगों से भेंट हुई?
422.
सही उत्तर: अस्पताल में
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार अज्ञेय को जापान दौरे के दौरान अस्पताल में रेडियम पदार्थ से आहत लोगों से भेंट हुई थी। उन्होंने वहाँ अणु बम के दुष्परिणामों को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
423. पाठ के आधार पर कौन कृतिकार के लिए गहरी चीज है?
423.
सही उत्तर: संस्कार
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर संस्कार कृतिकार के लिए गहरी चीज है। अज्ञेय के अनुसार लेखक के जीवन में संस्कारों का विशेष महत्व होता है, जो उसके लेखन को प्रभावित करते हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
424. निम्न में से कौन संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को आत्मसात कर लेती है जो वास्तव में कृतिकार के साथ घटित नहीं हुआ है?
424.
सही उत्तर: अनुभूति
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार अनुभूति संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को आत्मसात कर लेती है जो वास्तव में कृतिकार के साथ घटित नहीं हुआ है। अनुभूति लेखक की रचनात्मक क्षमता को गहराई प्रदान करती है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
425. जो आँखों के सामने नहीं आया, जो घटित अनुभव में नहीं आया, वही आत्मा के सामने ज्वलंत प्रकाश में आ जाता है, तब वह अनुभूति हो जाता है।
425.
सही उत्तर: प्रत्यक्ष
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार जो आँखों के सामने नहीं आया और जो घटित अनुभव में नहीं आया, वही आत्मा के सामने ज्वलंत प्रकाश में आ जाता है, तब वह प्रत्यक्ष अनुभूति हो जाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
426. लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?
426.
सही उत्तर: पत्थर में मानव की उजली छाया देखकर
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार लेखक ने पत्थर में मानव की उजली छाया देखकर अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता महसूस किया। उस छाया ने अणु बम की भयावहता और मानवीय त्रासदी को दर्शाया।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
427. क्या देखकर लेखक को एक थप्पड़ सा लगा?
427.
सही उत्तर: छाया
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार पत्थर पर पड़ी मानव की उजली छाया देखकर लेखक को एक थप्पड़ सा लगा। वह छाया हिरोशिमा पर हुए अणु बम विस्फोट की भयानक पीड़ा और विनाश का प्रतीक थी।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
428. लेखक को हिरोशिमा की समूची ट्रेजडी किस पर लिखी हुई महसूस हुई?
428.
सही उत्तर: पत्थर
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार लेखक को हिरोशिमा की समूची ट्रेजडी पत्थर पर लिखी हुई महसूस हुई। पत्थर पर बनी मानव की छाया अणु बम विस्फोट की भयानक घटना और उसकी पीड़ा को व्यक्त करती थी।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
429. 'अज्ञेय' ने 'हिरोशिमा' पर कविता कहाँ लिखी?
429.
सही उत्तर: भारत में
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार अज्ञेय ने हिरोशिमा पर कविता भारत में लिखी थी। जापान यात्रा के दौरान देखे गए अणु बम के प्रभावों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया, जिसके आधार पर उन्होंने यह कविता रची।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
430. 'अज्ञेय' ने 'हिरोशिमा' पर कविता कहाँ बैठे-बैठे लिखी?
430.
सही उत्तर: रेलगाड़ी में
व्याख्या: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार अज्ञेय ने 'हिरोशिमा' पर कविता रेलगाड़ी में बैठे-बैठे लिखी थी। हिरोशिमा की त्रासदी और उसके प्रभावों ने उन्हें कविता लिखने के लिए प्रेरित किया।
Correct Answer:
Explanation: Important question.